NCPCR के मुताबिक बाल गृहों के सोशल ऑडिट का 8 राज्य कर रहे हैं विरोध

बिहार और उत्तर प्रदेश सरकारें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की ओर से उनके 316 बाल गृहों में सोशल ऑडिट के खिलाफ खड़े हैं और उसका विरोध कर रहे हैं ।आप की जानकारी के लिए बता दे की इन स्नास्थानो में करीब सात हज़ार से ज्यादा बच्चे रहते हैं और ये जानकारी आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी हैं ।

एनसीपीसीआर अधिकारी ने ये भी बताया हैं की इसका विरोध करीब 8 राज्य कर रहे हैं जिसमे उत्तर प्रदेश के अलावा हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और दिल्ली शामिल हैं ।बता दे की ये जानकारी भी ऐसे समय पर आयी हैं जब उत्तर प्रदेश के आश्रम की लड़किया योन उत्पीड़ित हो रही थी ।

यह मामला सबसे मपहले अप्रैल में सामने आया था जब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने राज्य सामाजिक कल्याण विभाग को बिहार के आश्रय गृहों पर अपनी ऑडिट रिपोर्ट सौंपी थी ।इसमें मुजफ्फरपुर के एक शेल्टर होम में लड़कियों के यौन उत्पीड़न की संभावना की बात कही गई थी. बाद में मेडिकल जांच में इसकी पुष्टि हुई.

दूसरा मामला इस हफ्ते प्रकाश में तब आया जब उत्तर प्रदेश के देवरिया के एक बाल गृह से 24 लड़कियों को बचाया गया था. आरोप है कि उनका भी यौन उत्पीड़न हुआ है.

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